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बांग्लादेश में हिंदुओं का हाल बेहाल, हो रहे हैं हमले, छोड़ रहे हैं बांग्लादेश

🚩बांग्लादेश माइनॉरिटी वॉच के अध्यक्ष अधिवक्ता श्री रवींद्र घोष ने कहा कि बांग्लादेश की स्वतंत्रता के लिए हिन्दू लड़े । उसके बदले में उन्हें क्या मिला? यह प्रश्‍न उपस्थित हो रहा है । बांग्लादेश जब से स्वतंत्र हुआ है, तब से आज तक वहां 15 लाख से अधिक हिन्दुआें की हत्या की गई है । स्वतंत्रता के पश्‍चात वहां के शासन ने संविधान में इस्लाम धर्मानुसार आचरण करने की धारा घुसाई । तब से निरंतर वहां के हिन्दुआें की धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार नकारा जा रहा है। वहां के हिन्दुआें को किसी प्रकार का न्याय अथवा अधिकार नहीं मिलता, अपितु हिन्दुआें की भूमि बलपूर्वक दबा ली गई । हिन्दू लड़कियों का अपहरण कर अत्याचार किए जाते हैं । अभी तक बांग्लादेश के 3 सहस्र 336 मंदिर तोड़े गए हैं । ऐसे विविध प्रकार से हिन्दुआें पर अत्याचार और अन्याय किया जाता है ।

🚩हिन्दू परिवार पर आक्रमण…
बांग्लादेश के पटुअलहाली जिले के दशमिना में 25 अगस्त 2019 के दिन जहीर बाहिनी संगठन के 50 से भी अधिक धर्मांध गुंडों ने हिन्दू परिवार पर आक्रमण किया। इस आक्रमण में 10 से भी अधिक हिन्दू महिलाएं और बच्चे गंभीररूप से घायल हुए। उन्हें चिकित्सा हेतु विविध चिकित्सालयों में भरती किया गया है।
🚩बांग्लादेश के दैनिक ‘स्टार’ के अनुसार, इन आक्रमणकारियों के विरोध में दशमिना पुलिस थाने में परिवाद प्रविष्ट किया गया है। दशमिना पुलिस थाने के अधिकारियों ने बताया कि, इस प्रकरण में अभी तक 3 लोगों को बंदी बनाया गया है।
स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात
🚩हिंदुओं का पलायन…
🚩प्रोफेसर बरकत ने ढाका यूनिवर्सिटी में किताब के विमोचन के दौरान बताया कि 1964 से 2013 के बीच लगभग 1 करोड़ 13 लाख हिंदुओं ने धार्मिक भेदभाव और उत्पीड़न के कारण से बांग्लादेश छोड़ा । ये आंकड़ा औसतन हर दिन 632 का बैठता है । इसका अर्थ ये भी है कि हर वर्ष 2, 30, 612 हिंदू बांग्लादेश छोड़ रहे हैं ।
🚩प्रोफेसर बरकत ने अपने 30 वर्ष के शोध के दौरान पाया कि अधिकतर हिंदुओं ने 1971 में बांग्लादेश को आजादी मिलने के बाद फौजी हुकूमतों के दौरान पलायन किया ।
🚩बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दिनों में हर दिन हिंदुओं के पलायन का आंकड़ा 705 था । 1971-1981 के बीच ये आंकड़ा 512  रहा । वहीं 1981-1991 के बीच औसतन 438 हिंदुओं ने हर दिन पलायन किया । 1991-2001 के बीच ये आंकड़ा बढ़कर 767  हो गया । वहीं 2001-2012 में हिंदुओं के हर दिन पलायन का आंकड़ा 774 रहा ।
🚩ढाका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अजय रॉय ने कहा कि बांग्लादेश बनने से पहले पाकिस्तान के शासन वाले दिनों में सरकार ने अनामी प्रॉपर्टी का नाम देकर हिंदुओं की संपत्ति को जब्त कर लिया । स्वतंत्रता मिलने के बाद भी निहित संपत्ति के तौर पर सरकार ने कब्जा जमाए रखा । इसी वजह से लगभग 60 प्रतिशत हिंदू भूमिहीन हो गए ।
🚩भारत में अल्पसंख्यक मुस्लिम पर कुछ होता है तो मीडिया दिन-रात खबरें दिखाती रहती है और सेक्युलर लोग उनके बचाव में टूट पड़ते है, लेकिन बांग्लादेश में हररोज इतना हिन्दुओं का पलायन होना व उनके ऊपर इतना अत्याचार होने पर मीडिया और  सेक्युलर लोगों ने चुप्पी क्यों साधी है ???
🚩भारत सरकार को पाकिस्तान व बांग्लादेश के हिंदुओं की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए।
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