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ईसाई मिशनरियों का गोरखधंधा : बच्चों की कर रहे है तस्करी

04 September 2018
🚩हिंदुस्तान में हिंदुओं को तो संविधान और सहिष्णुता का पाठ पढ़ाया जाता रहा है, लेकिन मुसलमानों और ईसाईयों के कुकर्मों पर हमेशा पर्दा डाल दिया जाता है ।
🚩देश मे हाल में ही कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिससे ये बात साफ हो गई है कि ईसाई मिशनरियां मानव तस्करी के साथ दुष्कर्म को बढ़ावा देने वाली बन गई हैं । मदर टेरेसा की संस्था ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ के रांची सेंटर में बच्चे बेचे जाने का मामला सामने आने के बाद पहली बार लोगों को पता चला है कि मानवता और समाज में सेवा के नाम पर दरअसल क्या हो रहा था । जाहिर है देश के लिए इससे शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता कि धर्म की आड़ में बच्चे बेचने का रैकेट चले ।
🚩अभी हाल ही में दूसरा मामला बच्चों की तस्करी का आया है ।
Christian missionaries’ gravity: children are being smuggled
झारखंड के चाईबासा जिले से मानव तस्करी कर अवैध तरीके से लुधियाना ले जाए गए 34 बच्चों में 30 बच्चे लापता हैं । सभी बच्चों को लुधियाना स्थित पैकियम मर्सी क्रास बाल गृह में रखा गया था । वहाँ ईसाई मिशनरियों द्वारा उनका धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा था और उनसे बाल मजदूरी करवाई जा रही थी । इस पूरे प्रकरण में चाईबासा के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (ए.एच.टी.यू.) थाने में F.I.R. दर्ज कराई गई है । यह प्राथमिकी सी.डब्ल्यू.सी. चाईबासा की सदस्य ज्योत्सना तिर्की ने दर्ज कराई है ।
🚩कौन कर रहा है बाल तस्करी?
जुनूल लोगा नाम के व्यक्ति ने लुधियाना में मर्सी होम क्रिश्चियन में पढ़ाई कर मैट्रिक पास किया था । जुनूल लोगा बाहर के बच्चों को वहां पढ़ाई व रोजगार का प्रलोभन देकर उनके माता-पिता को धोखे में रख कर ले गया था। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार “जुनूल लोगा” ने झारखंड के विभिन्न जिलों में कार्यरत मिशनरी संस्थाओं व चर्च के पादरियों की मिलीभगत से मानव तस्करी कर के बच्चों को अवैध रूप से चाईबासा (झारखंड) से लुधियाना ले जाकर अवैध रूप से कार्यरत पैकियम मर्सी क्रास बालगृह में अमानवीय ढंग से रखा । वहां सी.डब्ल्यू.सी. को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई थी।
🚩सीडब्ल्यूसी मेंबर ज्योत्सना ने की थी शिकायत
एसपी गणदेशी के मुताबिक चाईबासा में बाल कल्याण समिति सदस्य ज्योत्सना तिर्की की शिकायत के बाद पुलिस कार्रवाई शुरू की गई है । शिकायत मिली थी कि चाईबासा और बिहार से ले जाकर लुधियाना में एक मिशनरी ने चाइल्ड शेल्टर होम में 34 बच्चों को अवैध तरीके से रखा है । तत्काल टीम लुधियाना भेजी गई और पंजाब पुलिस के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया । जिसे ट्रांजिट रिमांड पर चाईबासा लाने से पहले उसे वहां कोर्ट में लाया गया था । पुलिस  सभी बच्चों की जानकारी हासिल कर रही है । कथित धर्मांतरण पर कहा, प्रथम दृष्टया रिपोर्ट में पता चलता है कि कुछ बच्चों का धर्मांतरण हुआ है ।
🚩पुलिस ने रिकॉर्ड के मुताबिक कहा कि साल 2006 से झारखंड से करीब 300 बच्चों को पंजाब के लुधियाना लाया गया है ।
सी.डब्ल्यू.सी. मेंबर ज्योत्सना की शिकायत के अनुसार, यह ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्मांतरण और बाल मजदूरी का मामला है ।
🚩देश में धर्मांतरण का एक बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा है । इस कारण देश में हिंदू आबादी लगातार घट रही है । हिंदुओं के देश में ही आठ राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं । इसमें सबसे बड़ी भूमिका ईसाई मिशनरियों की सामने आती रही है ।
देशवासियों को ईसाई मिशनरियों के स्कूलों में भी बच्चों को नही भेजना चाहिए, वहाँ पर भी हिंदु त्योहारों और हिन्दू रीति रिवाजों का विरोध होता है, साथ ही साथ हिन्दू देवी-देवताओं का भी अपमान किया जाता है और यीशु को महान बताकर बच्चों का ब्रेनवॉश किया जाता है ।
🚩ईसाई मिशनरियों के काले चिट्ठे सामने आ गए है लेकिन एक भी सेक्युलर नेता या मीडिया बोलने को तैयार नही है क्योंकि इन्हें भी वेटिकन सिटी से फंडिग मिलती है ।
मीडिया को पवित्र हिन्दू साधु-संतों को बदनाम करने और ईसाई पादरियों के दुष्कर्म छुपाने के लिए भारी फंडिग मिलती है इसलिए बिकाऊ मीडिया की खबरों से भी सावधान रहें ।
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One Comment

  1. Ghanshyam das godwani Ghanshyam das godwani September 4, 2018

    देशवासियों को ईसाई मिशनरियों के स्कूलों में भी बच्चों को नही भेजना चाहिए, वहाँ पर भी हिंदु त्योहारों और हिन्दू रीति रिवाजों का विरोध होता है, साथ ही साथ हिन्दू देवी-देवताओं का भी अपमान किया जाता है और यीशु को महान बताकर बच्चों का ब्रेनवॉश किया जाता है ।

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