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मीडिया की खुली धमकी, कहा भारतीय संस्कृति के त्यौहार मनाना बंद करें

1 फरवरी  2019
www.azaadbharat.org
🚩भारत में अंग्रेजों ने कूटनीति करके भारतीय संस्कृति के पवित्र त्यौहारों और धर्मशास्त्रों के प्रति जो हिंदुओं की आस्था थी, उस पर पूरे ब्रिटिश शासनकाल के दौरान कुठाराघात किया गया था । हमारे हर त्यौहार का अंग्रेज विरोध करते थे और उनके बिना सिर पैर के त्यौहार भारतीयों को मनाने मजबूर करते थे ।
🚩अब हालात ये हैं कि अंग्रेज तो चले गए लेकिन भारत में फिर ईसाई मिशनरी सक्रिय हुई और वे भी हमारे त्यौहार बंद कराने के पीछे पड़ गई । मिशनरियों का भी उद्देश्य था कि भारतीय संस्कृति को तोड़कर पाश्चात्य संस्कृति लाई जाए इसलिए उन्होंने एक सोची समझी साजिश के तहत भारत में वैलेंटाइन्स डे का मीडिया द्वारा खूब प्रचार-प्रसार करवाया ।


🚩14 फ़रवरी को वैलेंटाइन डे के मनाने की परंपरा जो बनाई है, उससे हर देश की युवा पीढ़ी को भारी नुकसान हुआ है । उनका भयंकर पतन हुआ है, वे शारीरिक मानसिक बीमार बनने लगे, वैसे किसी भी देश के युवा राष्ट्र की नींव होते हैं, वे यदि इस प्रकार से गुमराह होंगे तो देश कमजोर बनेगा यही उद्देश्य अंग्रेजों और मिशनरियों का था । अब हर देश का मीडिया तंत्र और सरकारी तंत्र देश की युवा पीढ़ी को कैसा बनाना चाहता है, यह उन पर निर्भर करता है ।
🚩भारत में जब यह (वैलेंटाइन डे की) विकृत परम्परा आयी तब आपको याद होगा कि कईं फिल्मों में ‘वैलेंटाइन डे’ मनाने की प्रेरणा देने वाले गाने और अभिनय फिल्माए गए थे । अब तो और भी ज्यादा बड़े पैमाने पर बच्चों को “वैलेंटाइन डे’ जैसी विकृत परम्परा को मनाने की प्रेरणा मीडिया हाउस द्वारा दी जाती है । लेकिन किसी ने भी भारतीय संस्कृति के उच्च आदर्शों को समाज में स्थापित करने वाली फिल्में एवं नाटक बनाने में रुचि  नहीं दिखाई । इसका कारण साफ़ है, किसी को समाज के प्रति कोई उत्तरदायित्व महसूस ही नहीं होता,उन्हें तो बस पैसे और टी. आर. पी. से मतलब है । इन सबके द्वारा भारत की युवा पीढ़ी के मन में ‘वैलेंटाइन डे’ जैसी विकृति को मनाने के संस्कार डाले गए थे ।
🚩किसी भी मीडिया ग्रुप ने वेलेंटाइन डे का विरोध नहीं किया इससे प्रश्न उठता है कि आख़िर मीडिया हाउस को भारत की महान संस्कृति और भारत के दिव्य त्यौहारों में ही ऐसी क्या कमी लग रही थी जिससे मीडिया ने भारतीय संस्कृति को लज्जित करने वाला ‘वैलेंटाइन-डे’ मनाने के लिए युवा पीढ़ी को प्रेरित किया??? यह प्रेम दिवस तो हो ही नहीं सकता जिसमें सिर्फ़ शरीर की प्राथमिकता से ही एक-दूसरे को चुना जाता हो । शारीरिक और मानसिक तौर पर दुर्बल बना दे । और कोई भी माता-पिता नहीं चाहते कि हमारे बच्चे हमें छोड़कर किसी के चंगुल में फंसकर आवारा बनकर अपने उम्र और अधिकार के विपरीत कार्य करें ।
🚩इस प्रकार की विकृत परम्परा से जो समाज का नुकसान हो रहा था, भारत की युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही थी, कुवारी कन्याएं गर्भवती होने लगीं,  भारत का धन विदेशी कम्पनियां लेकर जाने लगी उसपर किसी ने ध्यान नहीं दिया, अगर देश की इस बर्बादी पर किसी ने ध्यान दिया तो वे हैं हिन्दू संत आशारामजी बापू । उन्होंने समाज की दुर्दशा देखकर 2006 में हर वर्ष 14 फ़रवरी को ‘वैलेंटाइन डे’ ना मनाकर ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ मनाने का विकल्प दिया और ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ को प्रैक्टिकली समाज के बीच में अमल भी करवाया । इससे भारत की युवा पीढ़ी बर्बाद होने से बचने लगी, कुँवारी कन्याएं गर्भवती बनने से बचने लगी, माता-पिता का आदर होने लगा, भारत का धन विदेश में जाने से रुक गया, कितनों के घर उजड़ने से बचने लगे इससे प्रभावित होकर भारत की कईं राज्य सरकारें भी प्रभावित हुईं और छत्तीसगढ़ सरकार ने तो ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ को काफ़ी समर्थन दिया एवं राज्य में हर वर्ष 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने का आदेश जारी किया ।
🚩छिंदवाड़ा (म.प्र) के कलेक्टर ने भी यही आदेश दिया था कि पूरे छिंदवाड़ा में मातृ-पितृ पूजन मनाया जाए और बड़े बड़े नेता, अभिनेता, साधु-संत, प्रसिद्ध हस्तियां भी इस पर्व को सपोट करने लगी ।
     
🚩एक सराहनीय कार्य हाल ही में वर्तमान में गुजरात सरकार के माननीय शिक्षा मंत्री ने किया है और हिन्दू संत आशारामजी बापू द्वारा प्रेरित “मातृ-पितृ पूजन दिवस” के आव्हान के लिए सन्त आशारामजी बापू की संस्था को बधाई दी है ।
देश में “वैलेंटाइन डे” जैसे विकृत त्यौहार को मनाने की जगह हमारे युवक-युवतियाँ भारत की महान संस्कृति के अनुसार अपना जीवन बनायेंगे तो इससे वे स्वस्थ भी रहेंगे और अपने परिवार, समाज, देश तथा संस्कृति की सेवा भी ठीक से कर पायेंगे ।
🚩लेकिन मीडिया को विदेश से वैलेंटाईन डे को प्रमोट करने के लिए भारी मात्रा में फंडिग मिल रही है इसके कारण वे उस दिन मातृ-पितृ पूजन दिवस का विरोध कर रही है और उसका कोई समर्थन करता है तो उसके खिलाफ मुहिम चला रही है, मीडिया का कहना है कि आपने भारतीय त्यौहार मनाया तो हम उसका विरोध करेंगे ।
🚩मीडिया की विकृत मानसिकता तो देखिए जैसे कि होली नहीं खेलो पानी का बिगाड़ होता है, दिवाली नहीं मनाओ प्रदूषण होता है, दहीहांडी नहीं मनाओ इससे चोट लगती है, शिवरात्रि नहीं मनाओ इससे दूध का बिगाड़ होता है ये दूध गरीबो में बाँटो लेकिन मीडिया न्यू ईयर का प्रदूषण नहीं बतायेगी, फिल्मों में पैसे खर्च करते है उसके बारे में नहीं बतायेगी, चॉकलेट से दांत और पेट खराब होता ये नहीं बतायेगी क्योंकि इन चीजों को प्रमोट करने के लिए उन्हें पैसे मिलते हैं ।
🚩अभी वर्तमान में 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस का विरोध कर रही है, बोलती है वैलेंटाईन डे मनाओ जिससे विदेशी कंपनियों के प्रोडक्ट बीके और देश की युवा पीढ़ी बर्बाद हो जाए , माता-पिता का पूजन करोगे तो हम आपके खिलाफ मुहिम चलायेंगे, बदनाम करेंगे आपको मूर्ख बतायेंगे जिससे आप माता-पिता का पूजन छोड़कर वैलेंटाईन डे मनाने लग जाएं ।
🚩भारतवासी आप सतर्क रहें कुछ मीडिया चैनल भारतीय संस्कृति को तोड़कर फिर से देश को गुलाम बनाने में सहयोग कर रही हैं इसका विरोध करें और विदेशी त्यौहार मनाना बंद करके भारतीय त्यौहार जरूर मनाएं ।
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One Comment

  1. Ketan Patel Ketan Patel February 1, 2019

    Celebrate Purest form of love,free from lust on 14 Feb
    & Stay away from moral, intellectual & physical degradation due to V-day celebration

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