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अमेरिका झूठी रिपोर्ट दिखाकर भारत में अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहता है ?

27 जून 2019
🚩एक समय भारत देश सोने की चिड़िया कहलाता था, लेकिन आक्रमणकारी, लुटेरे मुग़ल व अंग्रेज भारत की अधिकतर संपत्ति को लूटकर ले गए । उसके बाद भी समृद्धि के मामले में भारत ने विश्व मे अपना स्थान अद्वितीय रखा है । इसलिए आज भी विदेशी लोगों की दृष्टि भारत पर है ।

🚩भारत देश हिंदू बाहुल्य देश है उसपर हमेशा विदेशी लोगों की गिद्ध दृष्ट रही है, वे हमेशा भारत पर अपना कब्जा करना चाहते हैं इसलिए हिन्दूद्वेष और भारतद्वेष के कारण अमेरिका द्वारा झूठी शिकायत की गई है।
🚩पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान आदि देशों में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर भयंकर अत्याचार हो रहे हैं उसपर अमेरका कोई रिपोर्ट जारी नहीं कर रहा है पर भारत के अल्पसंख्यक समुदाय के लिए चिंता जता रहा है बड़ा आश्चर्य है।
🚩आपको बता दें कि अमेरिकी विदेश विभाग ने अपनी वार्षिक 2018 अन्तर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट में आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिए । रिपोर्ट में कहा गया कि ‘हिंसक चरमपंथी हिंदू समूहों द्वारा अल्पसंख्यकों समुदायों, विशेष रूप से मुसलमानों के खिलाफ भीड़ का हमला पूरे साल जारी रहा !’
🚩विदेश मंत्रालय ने उस अमेरिकी रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है । विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी किए गए बयान में कहा कि, ‘भारत को अपनी धर्मनिरपेक्ष साख पर गर्व है, यह सहिष्णुता और समावेशन की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के साथ सबसे बड़े लोकतंत्र और बहुलतावादी समाज के रूप में स्थित है !’
🚩विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार-
मंत्रालय ने कहा कि, ‘भारतीय संविधान अपने अल्पसंख्यक समुदायों सहित अपने सभी नागरिकों को मौलिक अधिकारों की गारंटी देता है। हम अपने नागरिकों के संवैधानिक रूप से संरक्षित अधिकारों में किसी अन्य देश का हस्तक्षेप नहीं बर्दाश्त करेंगे !’ स्त्रोत : न्यूज 18
🚩बड़ा आश्चर्य तो ये है कि गत कुछ शतकों से अमेरिका के स्वयं के देश में चल रहा वर्णद्वेषी हिंसाचार रोकने में असफल सिद्ध हुई है । अमेरिका ने रेड इंडियन लोगों का (अमेरिका के मूल निवासी) वंशसंहार कर वहां बस्ती बनाई, यह इतिहास कोई भूला नहीं है, यह वह सदैव ध्यान रखे !
🚩संसारभर में अमेरिका ने स्वयं का वर्चस्व बनाने के लिए कितने देशों पर आक्रमण किए, यह भी कोई भूला नहीं है । छोटे से वियतनाम के विरोध में 9 वर्ष किया हुआ युद्ध अमेरिका का कौन सा हिंसाचार था, क्या वह यह बताएगा ?
🚩भारत के कश्मीर में 3 दशकों पूर्व धर्मांधों ने धर्म के आधार पर हिन्दुआें पर आक्रमण किया तथा उन्हें कश्मीर से बाहर खदेड़ दिया एवं भारत में अनेक वर्षों से धर्मांधों द्वारा हिन्दुआें पर अत्याचार हो रहे हैं, क्या उस विषय में अमेरिका ने कभी अपना मुंह खोला है ?
🚩उत्तरप्रदेश कैराना में मुस्लिम समुदाय से प्रताड़ित करने पर हिंदुओं को पलायन करना पड़ा। बंगाल में सैंकड़ो हिंदुओं की हत्या कर दी गई, देशभर में अनेक स्थान पर हिंदुओं की हत्या हो रही है, लव जिहाद में हिंदू युवतियों को फँसाया जा रहा है, लैंड जिहाद किया जा रहा है फिर भी अमेरिका इसपर रिपोर्ट जारी नही करती है और कुछ अल्पसंख्यको की हटे हुई तो हिंदूओं को हिंसक बता दिया।
🚩पाकिस्तान में तो हिंदुओं को अपना कोई अधिकार ही नहीं दिया गया, नाबालिग लड़कियों को उठा ले जाते हैं, जमीन हड़प लेते हैं, पुलिस और सरकार उनकी सुनती नहीं है । यहां तक ही मुर्दो को जलाने के लिए श्मशान तक नहीं है, यही ही हालत बांग्लादेश और अफगानिस्तान में है । इसपर अमेरिका रिपोर्ट क्यो जारी नही करती है?
🚩चीन में 10 लाख मुसलमान को कैदी बनाया गया है, दाढ़ी नहीं रख सकते, बुरखा नहीं पहन सकते कोई धार्मिक आज़ादी नहीं है फिर भी अमेरिका उनके खिलाफ रिपोर्ट जारी नहीं कर रही है और हिंदुओं के खिलाफ रिपोर्ट जारी कर रही है बड़ा आश्चर्य है।
🚩जैसे भगवा आतंकवाद का नाम लेकर हिंदुओं को बदनाम करने की साजिश रची गयी थी ऐसे ही अमेरिका की साजिश लग रही है सहिष्णु हिंदू समाज को बदनाम करने की, इसलिए मीडिया, सेकुलर, गद्दार लोग हमेंशा हिंदुओं के खिलाफ एजेंडा चलाते रहते हैं ।
🚩हिंदुओं को सावधान रहने की आवश्यकता है, राष्ट्रविरोधी ताकतें पहले हिन्दू साधु-संतों को फिर हिंदुनिष्ठ नेता एवं हिंदूवादी संस्थाओं और फिर हिंदुओं को बदनाम कर रहे हैं । यह साज़िश इसलिए रची जा रही है ताकि हिंदू कमजोर हो तो देश में धर्मान्तरण आसानी से कर सकें और फिर से देश पर राज कर सकें पर हिंदुओं को जात-पात में न बंटकर एक होकर इस षडयंत्र का मुकाबला करना चाहिए।
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